जब मुझे होटल के जेट स्प्रे से आर्गेज्म महसूस हुआ
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जब मुझे होटल के जेट स्प्रे से आर्गेज्म महसूस हुआ

द्वारा saumya2023 मई 21, 04:52 बजे
मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ होटल में रुकी थी मगर उसके साथ सेक्स करके मैंने वो महसूस नहीं किया, जो मैंने जेट स्प्रे से महसूस किया।

मैं पहली बार अपने बॉयफ्रेंड के साथ होटल में रुकी थी। सच बताऊं तो मैं बहुत खुश भी थी और थोड़ी नर्वस भी। फिल्मों और दोस्तों की बातों से हमेशा लगता था कि जब आप किसी ऐसे इंसान के साथ होते हो, जिससे प्यार करते हो, तो सब अपने आप मैजिकल हो जाता है। शायद इसलिए मैंने भी उस रात से बहुत उम्मीदें लगा ली थीं।

कमरा अच्छा था, बाहर हल्की बारिश हो रही थी और अंदर धीमी रोशनी। शुरुआत में सब ठीक लग रहा था। जैसे- उसका मुझे चूमना, मेरे बालों को सहलाना और मेरी योनी में ऊंगली डालना लेकिन धीरे-धीरे मुझे एहसास हुआ कि मेरा बॉयफ्रेंड सिर्फ अपने आप में खोया हुआ था। 

उसके लिए उसकी खुशियां और प्लेजर ज्यादा मायने रख रहे थे क्योंकि हर थोड़ी देर में उसका ध्यान भटक जाता और वो मुझसे कहता कि मैं उसके पेनिस को अपने मुंह में ले लूं और उसके पेनिस को सहलाऊं। उसने एक बार भी नहीं पूछा कि मैं कंफर्टेबल हूं या नहीं, मुझे कैसा लग रहा है या मैं क्या चाहती हूं। मैं बस उसकी बातों में उसके साथ चलती रही क्योंकि मुझे लगा शायद यही नॉर्मल होता है।

कुछ देर बाद सब खत्म हो गया। वो आराम से बेड पर लेट गया लेकिन मेरे अंदर अजीब सा खालीपन था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि गलती मुझमें है या मेरी उम्मीदें ज्यादा थीं। मैं चुपचाप उठकर वॉशरुम में चली गई।

मैंने खुद को फ्रेश करने के लिए पानी चलाया। होटल के जेट स्प्रे का पानी काफी तेज था। जैसे ही मैंने उससे अपनी योनी धोनी शुरू की, तब मुझे अचानक एक अलग सा एहसास हुआ। पहले तो मैं थोड़ा चौंकी लेकिन फिर मैंने महसूस किया कि मेरे शरीर में एक अजीब सी गर्माहट और sensation फैल रही है। उस जेट से निकलता पानी मेरी योनी के छेद के ऊपरी हिस्से पर पड़ रहा था, जिसे क्लिटोरिस कहते हैं। यही वो जगह थी, जो मैं चाहती थी कि मेरा ब्वॉयफ्रेंड छूए लेकिन वो तो खुद में खोया हुआ था।

मैंने महसूस किया कि मेरा शरीर एकदम रिलैक्स हो रहा है और मेरी योनी के आसपास गुदगुदी महसूस हो रही है। ये एहसास वैसा नहीं था, जैसा कुछ देर पहले कमरे में था। ये पहली बार था जब मुझे लगा कि मेरा शरीर सच में कुछ महसूस कर रहा है। हां, मुझे आर्गेज्म महसूस हो रहा था!

मैं कुछ सेकंड के लिए बिल्कुल शांत हो गई। मेरे दिमाग में बस एक ही बात चल रही थी- “अच्छा… तो ऐसा महसूस होता है।”

उस पल मुझे शर्म नहीं आई, बल्कि मुझे बहुत अनोखा महसूस हुआ। मुझे एहसास हुआ कि शायद दिक्कत मेरे अंदर नहीं थी। शायद मेरे प्लेजर को कभी जरूरी समझा ही नहीं गया। हम अक्सर सोचते हैं कि intimacy सिर्फ दूसरे इंसान पर निर्भर करती है, लेकिन उस रात मैंने पहली बार महसूस किया कि अपने शरीर को समझना भी उतना ही जरूरी है।

मैं काफी देर तक सिर्फ सोचते हुए वहीं खड़ी रही। मेरा बॉयफ्रेंड बाहर आराम से फोन चला रहा था और मैं वॉशरुम में अपने बारे में कुछ नया डिस्कवर कर रही थी।

उस रात मैंने एक चीज़ सीखी कि रिश्ते सिर्फ प्यार या आकर्षण से नहीं चलते। अगर सामने वाला आपकी फिलिंग्स, कंर्फोट और प्लेजर की परवाह नहीं करता है, तो आप भावनात्मक और शारीरिक दोनों तरह से अधूरा महसूस कर सकते हो और शायद पहली बार मुझे लगा कि अपने शरीर को समझना कोई गलत बात नहीं है।

 

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