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माहवारी - पांच साल तक सबसे छुपाना

"मुझे माहवारी शुरू हुई जब मैं 13 साल की थी, लेकिन मैंने पांच साल तक इस बारे में अपनी परिवार में किसी को भी नहीं बताया," अनीता कहती है।

अनीता की माँ को उसकी माहवारी के बारे में उसकी शादी से कुछ दिन पहले ही पता चला। तब अनीता 18 साल की थी।  "मुझे नहीं लगता की उन्हें मेरी माहवारी में जानने की कोई ज़रूरत थी इसलिए मैंने उन्हें नहीं बताया, और जब उन्हें पता चलना तो चल ही गया," अनीता कहती हैं। 


कंडोम

 

कंडोम क्या है?
यह रबड़ से बना एक खोल जैसा होता है, जो लिंग पर पहना जाता है, यह शुक्राणुओं को योनि में जाने से रोकता है। यह नली के आकार का बहुत पतला, लचीला खोल होता है, जिसके अगले सिरे पर शुक्राणुओं को एकत्र करने के लिए निप्प्ल जैसा आकार बना होता है।
(महिला कंडोम भी होते हैं जो योनि के अंदर पहने जाते हैं, लेकिन यहां हम पुरुष कंडोम की बात कर रहे हैं।)

यह कितना प्रभावी है?
विफलता दर

आम प्रयोगः 14 प्रतिशत
सही प्रयोगः 3 प्रतिशत
(‘विफलता दर’ का क्या अर्थ है, इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए, गर्भनिरोधक कितने प्रभावी होते हैं? लिंक पर क्लिक कीजिए।

खूबियां

  • गर्भधारण और यौनसंचारित रोगों, दोनों से बचाव करता है
  • इसके लिए आपको किसी डाक्टर के पास नुस्खा लिखवाने नहीं जाना पड़ता
  • मिलने में आसानी- इन्हें आप अधिकांश दवा की दुकानों या सुपर मार्केट से खरीद सकते हैं
  • बहुत कम दुष्प्रभाव- कुछ लोगों को लेटेक्स से एलर्जी होती है, उन्हें दूसरे तरह के कंडोम का प्रयोग करना चाहिए
  • प्रयोग करने में आसानी
  • जब भी गर्भवती होना चाहें, कंडोम का प्रयोग बंद कर सकती हैं

खामियां

  • आपको संभोग करते समय हर बार नए कंडोम का प्रयोग करना होता है।
  • इसके लिए पुरुष को आपका सहयोग करना ज़रूरी होता है।
  • अपने साथी के जाने बिना आप इसका प्रयोग नहीं कर सकते हैं।

बायें: पुरुष कंडोम, दाहिनेः महिला कंडोम

कंडोम अलग-अलग नाप, प्रकार और बनावट के होते हैं। कंडोम लेटेक्स या पॉलीयूरेथेन से बनाए जा सकते हैं। आपको ये चिकनाई बिना या चिकनाइयुक्त मिल सकते हैं। कभी-कभार उनमें शुक्राणुनाशक भी होते हैं। आपको सुगंधित, रंगीन या उभार वाले कंडोम भी मिल सकते हैं।

कंडोम किस तरह काम करते हें?
कंडोम शुक्राणु को योनि में जाने से रोककर गर्भधारण से बचाते हैं।
मुख मैथुन या गुदा मैथुन करते समय यौनसंचारित रोगों से बचने के लिए भी आप उनका प्रयोग कर सकते हैं।

एलर्जी करने वाले
लेटेक्स (रबर) से बने कंडोम गर्भनिरोध तथा यौनसंचारित रोगों से बचाने वाले सबसे अच्छे उपाय होते हैं। लेकिन यदि आपको लेटेक्स से एलर्जी है तो आप पॉलीयूरेथेन से बने कंडोम का प्रयोग कर सकते हैं।

लेटेक्स के बाद दूसरा सबसे अच्छा विकल्प पॉलीयूरेथेन होता है, ये कंडोम कुछ अधिक पतले और मंहगे होते हैं। इनका एक फायदा यह है कि आप अपने साथी की गर्मी को इससे आसानी से महसूस कर सकती हैं। इसके साथ सेक्स करना अधिक नज़दीकी लगता है।

लेटेक्स से बने कंडोमों की तरह पॉलीयूरेथेन से बने कंडोम भी गर्भधारण तथा यौनसंचारित रोगों से बचाते हैं। लेकिन चूंकि ये कुछ अधिक पतले होते हैं इसलिए सेक्स के दौरान लेटेक्स से बने कंडोम की तुलना में उनके फटने और फिसलने की अधिक संभावना रहती है।

केवल लेटेक्स के बने कंडोम आपको गर्भधारण और यौनसंचारित रोगों से बचाते हैं।
एलर्जी का सबसे आम और मामूली प्रतिक्रिया, सूखापन और खुजली के रूप में दिखता है। जबकि सबसे खराब दुश्प्रभाव गंभीर दाने या जानलेवा आघात के रूप में दिख सकता है।

शुक्राणुनाशक
शुक्राणुनाशक लगे कंडोम में नोनोक्सीनॉल- 9 नाम का रसायन होता है। यह शुक्राणुओं को नश्ट कर देता है या कम से कम उनका चलना या तैरना रोक देता है।

शुक्राणुनाशक रसायन लगे कंडोम का प्रयोग करने वाले कुछ लोगों को लालिमा, खुजली या जलन होती है। महिलाओं को शुक्राणुनाशकों के अधिक दुष्प्रभाव की संभावना होती है। इनके कारण उन्हें मूत्र नली का संक्रमण होने की भी अधिक संभावना रहती है।

यदि आपके पास केवल चिकनाई लगे कंडोम या किसी भी कंडोम का प्रयोग नहीं करने का विकल्प मौजूद है तो भी कंडोम का प्रयोग करना अधिक सुरक्षित रहता है।

कंडोम का प्रयोग कैसे करें?

पुरुष कंडोम पहनना

  • सावधानी से कंडोम के पैकेट को फाड़ें
  • उसके अगले सिरे को दबाएं (जिससे निप्पल जैसे आकार वाले स्थान की हवा बाहर निकल जाए)
  • कंडोम को लिंग मुंड पर रखकर पूरे लिंग पर पहन लें (जहाँ लिंग शरीर से मिलता है)

अधिक जानकारी के लिए पुरुष कंडोम पहनना भाग देखें।

सुरक्षा उपाय

  • आम तौर पर कंडोम के पैकेट पर निर्देष लिखे होते हैं कि इन्हें कैसे पहना जाए। यदि आपको ठीक से पता नहीं है तो उन्हें ध्यान से पढ़ें।
  • एक कंडोम का प्रयोग केवल एक ही बार करें।
  • हर कंडोम के पैकेट पर उसके सुरक्षित प्रयोग की मियाद (एक्सपायरी डेट) लिखी होती है। निश्चित कर लें कि कंडोम के सुरक्षित प्रयोग की मियाद खत्म नहीं हुई है।
  • महिला की योनि में अपने लिंग का स्पर्श करने से पहले कंडोम पहन लें। वीर्यपात से पहले आपके लिंग से निकलने वाला द्रव यौनसंचारित रोग फैला सकता है। और हो सकता है वीर्यपात से पहले भी लिंग जब उत्तेजना में हो, तो वीर्य की कुछ बूंदें बाहर आ सकती हैं, इसे अंग्रेजी में प्री-कम कहा जाता है जो आपकी साथी को गर्भवती कर सकते हैं।
  • यदि कंडोम चिटक रहा हो या कड़ा हो गया हो तो उसे फेंक दें, दूसरे कंडोम का प्रयोग करें, क्योंकि चिटकने वाले या कड़े हो गए कंडोम के सेक्स के दौरान फटने या फिसलने की अधिक संभावना होती है।
  • यदि आपको अतिरिक्त चिकनाई की ज़रूरत हो तो जल आधारित चिकनाई युक्त पदार्थ का प्रयोग करें। थूक भी अच्छा काम कर सकते हैं। तेल आधारित चिकनाईयुक्त पदार्थ का प्रयोग न करें, क्योंकि उनसे लेटेक्स से बने कंडोम को नुकसान पहुंच सकता है। कंडोम की देखभाल कैसे करें? शीर्षक के अंतर्गत कंडोम के लिए सुरक्षित और असुरक्षित चिकनाईयुक्त पदार्थ की सूची देखें।

कंडोम को उतारना
1. अपनी आम स्थिति में आने से पहले लिंग को बाहर निकाल लें
2. निकालते समय कंडोम को नीचे से पकड़ें रहें जिससे वीर्य बाहर न छलक सके
3. कंडोम को टिशू में लपेटकर कूड़ेदान में डाल दें। यदि आप चाहें तो वीर्य को बाहर निकलने से बचाने के लिए उसके सिरे पर गांठ बांध दें। कंडोम को टॉयलेट में न डालें।

यदि मेरा कंडोम फट जाता है तो क्या होता है?
कभी-कभार कंडोम फट भी जाते हैं। ऐसा कंडोम के ठीक से न बैठने या दुर्भाग्यवश हो सकता है।

सौभाग्य से ऐसा बहुत कम होता है। यदि कंडोम का ठीक से प्रयोग किया जाए तो लेटेक्स कंडोम औसतन 1000 बार में केवल चार बार फटते हैं। पॉलीयूरेथेन कंडोम 100 बार में चार बार फटते हैं।

यदि कंडोम फट जाता है तो गर्भधारण या यौनसंचारित रोगों से बचाने के लिए यह कम प्रभावशाली होता है।

यदि ऐसा आपके साथ होता है तो इसे जल्दी बाहर निकाल लें और इसके बदले दूसरा कंडोम पहन लें। यदि कंडोम फट जाता है और यदि कोई द्रव योनि के अंदर चला गया है, तो आपातकालिक गर्भनिरोधक का प्रयोग करने पर विचार करें।

आपातकालिक गर्भनिरोध- अगली सुबह खाई जाने वाली गोली (मार्निंग आफ्टर पिल)- सेक्स करने के पांच दिन बाद तक गर्भधारण से बचाने के लिए प्रभावषाली होती है। आप इसे जितना जल्दी लेती हैं, यह उतनी ही अधिक कारगर होती है।

जब कोई कंडोम फिसल जाता है और उसे मैं अपनी योनि से बाहर नहीं निकाल सकती तब क्या होता है?
घबराएं नहीं। अक्सर आप योनि में उंगली डालकर इसे पकड़ सकती हैं। यदि ऐसा नहीं कर पातीं तो नज़्दीकी स्वास्थ्य केंद्र या डाक्टर से संपर्क करें। क्योंकि हो सकता है कंडोम से शुक्राणु निकल गए हों, आपको आपातकालिक गर्भनिरोधक- ‘अगली सुबह खाई जाने वाली गोली’ के प्रयोग करने पर विचार करना चाहिए।

कंडोम की देखभाल कैसे करें?
कंडोम को ठंडे, सूखे स्थान पर रखें। अपने पीछे की जेब, बटुए या दस्तानों में इन्हें अधिक देर तक न रखें, वरना गर्मी से उन्हें नुकसान पहुंच सकता है।

लेटेक्स (रबर) से बने कंडोम में जल आधारित चिकनाई युक्त पदार्थ का प्रयोग करें।

सभी प्रकार के कंडोमों के लिए सुरक्षित चिकनाई

  • ’एस्ट्रोग्लाइड, हालांकि, यह अभी भी भारत में उपलब्ध नहीं है। के-वाई  जेली या डूराजेल
  • ग्लिसरीन
  • सिलीकॉन चिकनाई
  • पानी
  • थूक

कंडोम के लिए असुरक्षित चिकनाई में, बच्चों को लगाया जाने वाला तेल (बेबी ऑयल), मक्खन, क्रीम, बॉडी लोशन, मालिश करने वाला तेल, खनिज तेल, वैसलीन (पेट्रोलियम जेली), रबिंग अल्कोहल, सनटैन लोशन, कुछ प्रकार के यीस्ट संक्रमण दूर करने वाली क्रीम, खाना पकाने का तेल और मलाई शामिल हैं!

मुझे कब और कितनी बार कंडोम का प्रयोग करना चाहिए?
सीधी सी बात है, जब भी आप सेक्स करें, हर बार!

कंडोम की कीमत कितनी होती है?
’प्रति कंडोम 5 रुपए से 20 रुपए तक। किंतु अक्सर इन्हें आप परिवार नियोजन केंद्र या क्लीनिक से मुफ्त प्राप्त कर सकते हैं।ण्

मुझे कंडोम कहां से मिल सकते हैं?
अधिकांष दवा की दुकानों, कुछ सुपर मार्केट और परिवार नियोजन केंद्रों या क्लीनिक से ले सकते हैं। कभी-कभार मदिरालयों या सार्वजनिक शौचालयों के पास लगे कंडोम वेंडिग मशीनों से भी कंडोम बेचे जाते हैं। कभी-कभार परिवार नियोजन क्लीनिक भी मुफ्त कंडोम मुहैया कराते हैं।

लोगों को कंडोम का प्रयोग करना कई कारणों से पसंद हैः

  • मिलने में आसानी
  • गर्भधारण तथा यौनसंचारित रोगों, दोनों ही से बचने का सस्ता उपाय
  • हल्का और एक बार प्रयोग किया जाने वाला
  • किसी डाक्टरी नुस्खे की ज़रूरत नहीं
  • पुरुष की संभोग अवधि बढ़ा सकता है

कुछ लोग कहते हैं कि कंडोम का प्रयोग करने से वे बेहतर सेक्स का आनंद उठाते हैं, क्योंकि वे गर्भधारण या यौनसंचारित रोगों से डरे बिना सेक्स से मिलने वाले आनंद पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। कंडोम पहनना सेक्स से पहले की जाने वाली छेड़छाड़ का हिस्सा बन सकता है - अधिक जानकारी के लिए पुरुष कंडोम कैसे पहनें का अध्ययन करें।

नुकसान?
मोटे तौर पर कंडोम का प्रयोग करने वाले 100 लोगों में से छः लोगों को लेटेक्स कंडोम से एलर्जी होती है। यदि आपको लेटेक्स से एलर्जी  है तो आप पॉलीयूरेथेन कंडोम का प्रयोग कर सकते हैं अथवा अपनी महिला साथी से महिला कंडोम का प्रयोग करने के लिए कह सकते हैं।

कुछ दंपति कंडोम का प्रयोग करने से अपने सेक्स के आनंद में कमी महसूस करते हैं। यदि आपको इसकी चिंता है तो सुझावों के लिए यहां क्लिक करें।

कुछ पुरुषों को कंडोम पहनने पर लिंग में तनाव बनाए रखने में परेशानी महसूस करते हैं। यदि आपकी महिला साथी महिला कंडोम का प्रयोग करती है तो संभवतः ऐसी समस्या नहीं आती।

पुरुष, कंडोम का प्रयोग करने में संकोच या शर्मिंदगी महसूस कर सकते हैं, यदि आपको ऐसा कुछ लगता है तो कंडोम पहनने का अभ्यास करें। कंडोम पहनना काफ़ी आनंददायी हो सकता है और इसे सेक्स से पहले की जाने वाली छेड़छाड़ का हिस्सा बनाया जा सकता है! अधिक जानकारी के लिए ‘पुरुष कंडोम कैसे पहनें?’ पढ़ें।

यौनसंचारित रोगों से सुरक्षा?
जी हाँ

मैं अपने साथी से कंडोम के प्रयोग के बारे में कैसे बात करुँ ?
अपने साथी से कंडोम का प्रयोग करने के बारे में बात करना ज़रूरी है। हो सकता है आप असहज महसूस करें, लेकिन इस बारे में विचार कर लें - यदि आप लड़की हैं, तो क्या यह कहना अधिक असहज नहीं होगा कि आप गर्भवती हो गई हैं? और यह कहना कि आपको यौनसंचारित रोग हो गया है, लड़के तथा लड़कियों, दोनों के लिए काफी कठिन होगा। इसलिए पहले ही कंडोम के प्रयोग के बारे में बात कर लेना ज़्यादा अच्छा रहेगा।

बात करने से पहले इसका अभ्यास कर लें कि आप क्या कहने वाले हैं। आपके साथी कंडोम का प्रयोग करने के बारे में क्या कहेंगे इस बारे में विचार कर लें। यदि आपको किसी सहायता की ज़रूरत महसूस होती है तो अधिक जानकारी के लिए कंडोम के बारे में बात करना लिंक पर क्लिक करें।

आर एन डब्ल्यू - १० भाषाओँ में होलैंड से समाचार एवं विश्लेषण, दुनिया भर में २४ घंटे सातों दिन रेडियो, टेलीविजन और इन्टरनेट पर I