यदि रिश्ते में कोई बात आपको बुरी लग रही है तो अपने साथी से बात करें। बातें अपने तक रखना रिश्ते के लिए अच्छा नहीं है। आगे पढें।
माहवारी - पांच साल तक सबसे छुपाना
"मुझे माहवारी शुरू हुई जब मैं 13 साल की थी, लेकिन मैंने पांच साल तक इस बारे में अपनी परिवार में किसी को भी नहीं बताया," अनीता कहती है।
अनीता की माँ को उसकी माहवारी के बारे में उसकी शादी से कुछ दिन पहले ही पता चला। तब अनीता 18 साल की थी। "मुझे नहीं लगता की उन्हें मेरी माहवारी में जानने की कोई ज़रूरत थी इसलिए मैंने उन्हें नहीं बताया, और जब उन्हें पता चलना तो चल ही गया," अनीता कहती हैं।
कमेन्ट का उत्तर देंमहिला के शरीर पर बाल: बिलकुल नहीं
मुझे लगता है की बाल हटाने वाले उद्योग ने शायद इतना फायदा पहले कभी नहीं कमाया होगा।
ब्यूटी पार्लर में बाकि सारी सुविधाओं के साथ आपको मिल सकते हैं बहुत सारे DIY संसाधन। आखिर महिलाएं अपने शरीर और चेहरे के बालों को लेकर इतनी पागल क्यूँ हैं? मेरी एक दोस्त ने कहा, "क्यूंकि पुरुषों को महिलाओं के शरीर अपर बाल अच्छे नहीं लगते।" तो फ़िर सवाल यह है की पुरुषों को महिलाओं के शरीर पर बाल इतने अनाकर्षक क्यूँ लगते हैं?
अनाकर्षक
मैंने अपने एक बहुत एकाचे पुरुष दोस्त से पूछा की उसकी पसंद क्या है: बाल या बिना बाल? उसका जवाब काफी कट्टर था, "निस्सन्देह, बिना बाल। मैं सोच भी नहीं सकता किसी ऐसी महिला के साथ डेट पर जाना जिसकी बग़ल में बाल हो!"
और महिला के बाकि के शरीर पर? "बिलकुल भी नहीं, मैं महिलाओं के शरीर पे बालों के बिलकुल खिलाफ हूँ। मुझे महिलाओं पर मूछें या पैरों पर बाल या योनी पर बाल बिलकुल नहीं पसंद। ये कितना अनाकर्षक है. मुझे बिलकुल चिकनी त्वचा अच्छी लगती है और वो बालों के साथ तो मिल नहीं सकती," उसने कहा।
प्राकर्तिक
मैं उसको इतनी आसानी से नहीं जाने दे सकती थी। मैं उस से जानना चाहती थी की आखिर बालों को लेकर इतना अनाकर्षक क्या है। आखिर शरीर पर थोडे बाल होना तो बिलकुल प्राकर्तिक है। "शायद यह प्राकर्तिक है, लेकिन बिलकुल भी आकर्षक नहीं। अगर मुझे बालों वाली टांगो को देखना है तो मैं अपनी ना देख लूँ। मुझे उसके लिए किसी महिला की ज़रूरत नहीं," उसने हँसते हुए कहा।
“ये महिला होने जैसा नहीं है। ये मेरे लिए औरत होने जैसा नहीं है," उसने कहा। लेकिन ऐसा नहीं है की महिलाएं बिना बाल के ही पैदा होती है। ये सब तो मीडिया के द्वारा फैलाया हुआ है ना? पुरुष जिन महिलाएं को पाने की चाह रखते हैं वो उन्होंने टीवी और फिल्मों में देखी होती हैं। पुरुषों के हिसाब से सुन्दरता वही होती है.और क्यूंकि टीवी और फिल्मों में उनके शरीर बिलकुल बाल नहीं होते इसलिए पुरुषों को असल जीवन में भी बाल वाली लड़कयाँ बहुत अनाकर्षक लगती हैं।
सही
"लेकिन ये तो तुम्हारे लिए भी लगो होता है। आखिर तुमको तुम्हारे टाइप के लड़के में भी तो कुछ ख़ास चाहिए होगा? फैशनबल और बिलकुल फिल्मों के हीरो की तरह?" मेरे दोस्त ने पूछा। मुझे समझ ही नहीं आया क्या क्यूंकि शायद 'सही' होने का दबाव महिलाओं अपर पुरुषों से ज्यादा होता है। लेकिन फिलहाल मैं हमारी बातचीत को बालों के मुद्दे से हटना नहीं चाहती थी।
वैसे तब क्या होता जब हम उस समय में रह रहे होते जब महिलाओं के पास अनचाहे बालों को हटाने का कोई तरीका नहीं होता? मैं तो शायद ठेक ही महसूस करती। मेरे लिए तो ऐसा है जैसे की, बिना कम्प्यूटर के बिना आप कैसा महसूस करते? निसंदेह, हम जी ही रहे होते। लेकिन मुझे पता है की महिलाएं बिना बालों के कैसी दिखती है और महसूस करती हैं, और मैं इसे नहीं बदलना चाहूँगा, उसने कहा।
लेख: गायत्री परमेस्वरण
फोटो: गायत्री परमेस्वरण, © Love Matters/RNW
इस लेख में व्यक्त किये गए विचार love matters के भी हों, यह ज़रूरी नहीं।
'मेरे एक दोस्त ने कहा' श्रंखला के और लेख
अनचाहे बालों पर और लेख
यमला पगला दीवाना का लेख - बालों की लड़ाई: पुरुषों की बिकनी वेक्स
जवाब दें
![]()

