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माहवारी - पांच साल तक सबसे छुपाना

"मुझे माहवारी शुरू हुई जब मैं 13 साल की थी, लेकिन मैंने पांच साल तक इस बारे में अपनी परिवार में किसी को भी नहीं बताया," अनीता कहती है।

अनीता की माँ को उसकी माहवारी के बारे में उसकी शादी से कुछ दिन पहले ही पता चला। तब अनीता 18 साल की थी।  "मुझे नहीं लगता की उन्हें मेरी माहवारी में जानने की कोई ज़रूरत थी इसलिए मैंने उन्हें नहीं बताया, और जब उन्हें पता चलना तो चल ही गया," अनीता कहती हैं। 


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अकेले ना रहने के पांच कारण

यमला पगला दीवानाअध्याय २:१८ में भगवान् ने कहा है, "अकेलापन किसी भी इंसान के लिए अच्छा नहीं है।" और मैं इस बात से सहमत हूँ।

लेकिन आज के आधुनिक युग में अकेलेपन की ही होड़ सी मची हुई है। आस पड़ोस में हर जगह सिर्फ अकेले लोग दिखाई देते हैं।

हाल ही में मैंने इस बारे में कुछ लेख पढ़े। मैंने यह भी सुना की अमेरिका में मेनहैटन   नामक जगह में हर दूसरे परिवार में सिर्फ एक अकेला व्यक्ति है।

तो चूँकि हम हर चीज़ में पश्चिमी देशो की नक़ल करते हैं, तो क्या यह भी हम उनसे ही सीख रहे है? उम्मीद करता हूँ की ऐसा ना हो। लेकिन मुझे चिंता ज़रूर होती है अपने दोस्तों को शादी और प्यार के बन्धनों से अन्दर बाहर होते देखकर। क्या यह सच है की हम रिश्तों और प्रतिबद्द्धता से दूर भाग रहे है?

मेरी माँ

अपनी माँ के एकमात्र बेटे होने के कारण और अपने कुंवारेपन के कारण, मैंने शायद अपने व्यक्तिगत अनुभव से कुछ नहीं कह सकता। लेकिन इतना ज़रूर कह सकता हूँ की मेरी माँ ने मुझे एक साथी ढ़ोंढने की सलाह दी, अपने सुख दुःख बाटने के लिए।
विस्तार से जानने के लिए आपको उनसे संपर्क करना होगा, लेकिन जीवनसाथी के बारें में उनकी राय का मैं समर्थन करता हूँ। और अन्दर ही अन्दर हम सब यह जानते हैं। हम पुरुष अपनी आजादी का भरपूर आनंद उठाने के बाद शायद चालीस की उम्र में यह समझ पाएं।

आज़ाद पंछी

मैं समझ सकता हूँ की अकेले रहना शायद तड़क भड़क से भरा है - एक आजादी का एहसास। फिल्मों से इसकी प्रेरणा मिलती है। हल्की बढ़ी हुई दाढ़ी, और हाथों में एक गिटार।  और मेरे बहुत से ऐसे दोस्त है जो ऐसी ही ज़िन्दगी जीते हैं। मैं अक्सर अपने मुहं से अपनी इस जीवन शैली की तारीफ करता हूँ। लेकिन खामोश चार दीवारी में वो भी यह ही मानते हैं की इस आजादी को पाने की राह में उन्होने कहीं न कहीं कुछ खो दिया है। 
क्यूंकि मेरे पास शब्दों की सीमा है, तो मैं फटाफट आपको ५ वजह देता हूँ अकेले न रहने की:

• कारण १: आपको अपना भविष्य सुनिश्चित करना चाहिए, मेरे दोस्त। सफ़ेद बाल गंजेपन से बेहतर है। इतनी मेहनत से बनायीं गयी आपकी जवान मर्द वाली छवि ज्यादा दिन कामयाब नहीं होगी।
• कारण २: मुफ्त सेक्स बेशक आकर्षण है, इसके बारें में पहले भी कह चूका हूँ। लेकिन उससे ज्यादा ज़रूरी है अच्छी देखबाल।
• कारण ३:महिलाओं की आय का ९० प्रतिशत हिस्सा घर खर्च पर जाता है। और पुरुष अक्सर शराब जैसी चीज़ों पर ही खर्च कर देते है। इस बारे में ज़रा सोचिये। 
• कारण ४: जीवन में सही संतुलन ज़रूरी है। नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात के भोजन में मेगी खाना अच्छा आहार नहीं है।
• कारण ५: आप चमेली के तेल का इस्तेमाल करके अपने दोस्त पर इसका दोष डाल सकते है, लेकिन आपका साथी हो सकता है आपके लिए इससे बेहतर उत्पाद बता सके।

शायद आप समझ गए होंगे। अकेले होने का मज़ा है। लेकिन किसी का साथ और ज़्यादा बेहतर है। तो जैसे सेक्स सिर्फ पुरुषों की ही ज़रूरत नहीं है; प्यार, दोस्ती आर भावनाए सिर्फ महिलाओं तक ही सीमित नहीं है।

तो शायद वक्त आ गया है की हम बेफिक्री छोड़ कर रिश्तों में बंधने के बारे में गौर करें। मुझे घिसी पिटी बातें कहना पसंद तो नहीं लेकिन आखिरकार मनुष्य सामाजिक जानवर है। 

लेख: कुबेर शर्मा

फोटो: कुबेर शर्मा, © Love Matters/RNW

लेख में प्रस्तुत किये गए विचार लव मैटर्स के भी हो, ये आवश्यक नहीं है।

जवान, आज़ाद और अकेला, या फिर जीवन साथी के साथ डोर में बंधना, आप किसका समर्थन करेंगे? यहाँ अपनी राय लिखिए या फेसबुक पर चर्चा में हिस्सा लें। 

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आर एन डब्ल्यू - १० भाषाओँ में होलैंड से समाचार एवं विश्लेषण, दुनिया भर में २४ घंटे सातों दिन रेडियो, टेलीविजन और इन्टरनेट पर I