जब एक महिला कामोत्तेजित हो तो ये संभव है कि उनके निप्पल सख्त हो जाएँ और स्तन सामान्य की तुलना में थोड़े बड़े और सख्त महसूस हों। आगे पढ़ें।
माहवारी - पांच साल तक सबसे छुपाना
"मुझे माहवारी शुरू हुई जब मैं 13 साल की थी, लेकिन मैंने पांच साल तक इस बारे में अपनी परिवार में किसी को भी नहीं बताया," अनीता कहती है।
अनीता की माँ को उसकी माहवारी के बारे में उसकी शादी से कुछ दिन पहले ही पता चला। तब अनीता 18 साल की थी। "मुझे नहीं लगता की उन्हें मेरी माहवारी में जानने की कोई ज़रूरत थी इसलिए मैंने उन्हें नहीं बताया, और जब उन्हें पता चलना तो चल ही गया," अनीता कहती हैं।
रुढ़िवादी माता-पिता: प्यार और झूठ
माता-पिता किसी कारण की वजह से ही माता-पिता होते हैं। वो कभी पूरी तरह से आपसे सहमत नहीं होंगे। और यह ठीक है। लेकिन तब क्या करें जब आपके माता-पिता पिछली सदी के अतिधर्मनिष्ठओं की तरह बर्ताव करने लगे?
मेरी जान पहचान के एक युगल, जिनकी सगाई को अब करीब एक साल हो गया है, उस दिन मुझसे शिकायत कर रहे थे की बिना अपने माता पिता के रज़ामंदी के, वो दोनों आपस में मिल भी नहीं सकते। तो वो इस मुश्किल का सामना कैसे करते हैं? "हम सिर्फ उनसे झूठ बोलते हैं"।
तय करी गयी शादी, लेकिन प्यार
इस बहुत ही प्यारे से युगल की सगाई उनके माता-पिता के रिश्ता तय करने के एक साल बाद हुई। जब हम दोनों को मिलने के लिए कहा गया तो हम दोनों इस तय करी गयी शादी के बिलकुल खिलाफ होने वाली सोच के साथ मिले थे और सिर्फ अपने माता-पिता को खुश करने के लिए ही मिले थे," उस लड़के ने मुझे बताया। "लेकिन जब हम मिले, एक दम से ताल मेल बैठ गया, और हम एक दुसरे से पांच घंटे तक लगातार बात करते रहे," उसने कहा।
वो एक दुसरे को प्यार करने से रूक ही नहीं पाए। वो पहली नज़र में प्यार जैसा हो गया। उन्होंने इस बढ़ते रिश्ते को थोडा वक़्त दिया और यह काम करा गया। "हम इसे एक तय करी हुई शादी की तरह नहीं समझते क्यूंकि मुझे लगता है की हम कहीं पर भी मिल सकते थे, किसी क्लब में या पार्टी में या कहीं और भी, ये तो चांस की बात थी की इसे हमारे माता-पिता ने तय किया था!" उस लड़की ने कहा।
रुढ़िवादी माता-पिता
तो ये बहुत आसान था, क्यूंकि दोनों तरफ के माता-पिता को कोई परेशानी ही नहीं होती। आख़िरकार, उनके बच्चों ने नियमों का पालन किया है। तो शादी की तारीख तय हुई एक साल बाद की, और ख़ुशी-ख़ुशी दोनों ने सगाई की। बस तभी से परेशानी भी शुरू हो गयी।
"हमारे माता पिता बिना उनकी इजाज़त हमें नहीं मिलने देते थे। वो बहुत ही रुढ़िवादी है तो उन्हें इस बात का डर था की हम 'वो' ना कर बैठे जिसकी मंजूरी वो कभी नहीं देते, उस लड़के ने कहा। अच्छा, तो मतलब बात शादी से पहले सेक्स ना करने की थी।
झूठ, सबसे बढ़िया तरीका
तो उन्होंने क्या किया? हम बस अपने माता पिता को बताते ही नहीं की हम बिना उन्हें बताये मिलते हैं। तो, जब हम मिलते है, तो उन्हें झूठ बोलते हैं की हम नहीं मिल रहे हैं। बस की हम कहीं और है और किसी और के साथ," उस लड़की ने कहा।
"मुझे पता है की ये शायद अच्छी बात नहीं, लेकिन शायद वो हमें समझ नहीं पाएंगे। तो ठीक यही है की हम झूठ बोले। क्यूंकि जो उन्हें पता ही नहीं होगा तो उस बारे में उन्हें बुरा भी नहीं लगेगा। जब दो लोगों की सूच बिलकुल ही अलग-अलग दिशा में हो, तो उन्हें भिड़ाने से क्या फायदा। शायद उस सूच की दूरी को हम खत्म करके कभी बीच में मिल भी नहीं पाएंगे," उसने कहा।
इस युगल की शादी अगले साल है। और उनकी भलाई के लिए, मैं यह ही चाहूंगी की उनके ये झूठ कभी ना पकडे जायें। "हाँ, लेकिन हम भविष्य में अपने माता-पिता को इन सब चीज़ों के बारे में बताएँगे ज़रूर, " उस लड़के ने कहा। शायद हमारे बच्चे होने के बाद! "शायद तभी इसे मज़ाक की तरह लिया जायेगा!"
लेख: गायत्री परमेस्वरण
फोटो: गायत्री परमेस्वरण, © Love Matters/RNW
इस लेख में व्यक्त किये गए विचार लव मैटर्स के भी हों, यह आवश्यक नहीं है।
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